Lakshmi Ganesha: माता लक्ष्मी जी के साथ क्यों की जाती है गणेश जी की पूजा? जानिए क्या है कथा

 Lakshmi Ganesha: माता लक्ष्मी जी के साथ क्यों की जाती है गणेश जी की पूजा? जानिए क्या है कथाLakshmi Ganesha: माता लक्ष्मी जी के साथ क्यों की जाती है गणेश जी की पूजा? जानिए क्या है कथा

Lakshmi Ganesha: माता लक्ष्मी जी धन, संपदा, सुख-समृद्धि और वैभव की देवी हैं और जिस भी व्यक्ति में उनकी कृपा पड़ती है उनका जीवन खुशियों से भर जाता है। लेकिन यदि आपने ध्यान दिया हो तो माता लक्ष्मी जी के साथ सदैव भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। तो आइए इसी क्रम में जानते हैं कि आखिर माता लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है। 

Lakshmi Ganesha


माता लक्ष्मी जी के साथ क्यों होती है गणेश जी की पूजा? (Lakshmi Ganesh ki puja ek sath kyu hoti hai?)

 

माता लक्ष्मी जी गणेश जी को अपना दत्तक पुत्र मानती हैं और पुत्र मोह इतना अधिक होता है कि कोई भी माता अपने पुत्र से अलग नहीं रहती हैं, इसलिए माता लक्ष्मी जी के साथ सदैव गणेश जी होते हैं। पौराणिक मान्याओं के अनुसार कहा जाता है कि एक बार माता लक्ष्मी जी को अपनी शक्तियों में काफी अभिमान हो गया था, यह देख भगवान विष्णु जी ने उन्हें कहा कि भले ही ये पूरा संसार आपकी कृपा पाने के लिए कितने भी प्रत्यंत, पूजा-पाठ क्यों ना करें, लेकिन आप अभी भी अपूर्ण हैं। इस बात को सुनकर माता कहती हैं कि लेकिन मैं अपूर्ण क्यों हूं, तब विष्णु जी उन्हें कहते हैं कि जब तक कोई स्त्री मां नहीं बन जाती है वह अपूर्ण ही कहलाती है। यह सुन माता लक्ष्मी जी बहुत ही दुखी होती हैं। उनका दुख देखकर माता पार्वती जी लक्ष्मी जी की गोद में गणेश जी को रख देती हैं और फिर तब से माता लक्ष्मी जी गणेश जी को अपना दत्तक पुत्र मानती हैं। यही वजह है कि जब भी माता लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है तो साथ में गणेश जी जरुर होते हैं।

इसके साथ ही माता लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा करने के पीछे एक और तथ्य है। कहा जाता है कि माता लक्ष्मी जी धन-संपदा की देवी हैं और गणेश जी विवेक बुद्धि के देवता माने जाते हैं। कहा जाता है कि यदि बुद्धि और विवेक के बिना किसी को धन की प्राप्ति होती है तो वह धन को संभाल नहीं सकता है।  चूंकि माता की उत्पत्ति समुद्र मंथन यानी जल से हुई है इसलिए वह सदैव  पानी की तरह चल अवस्था में रहती हैं अर्थात् वह एक जगह पर नही रुकती हैं। इसलिए कहा जाता है कि माता लक्ष्मी को संभालने के लिए बुद्धि और विवेक की आवश्यकता होती है। इसलिए माता लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा की जाती है।

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