Kalratri Mata Aarti: मां कालरात्रि का आशीर्वाद पाने के लिए पढ़ें माता की आरती
मां कालरात्रि नवरात्रि के सातवें दिन पूजी जाती हैं। यह दिन देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप को समर्पित है, जिन्हें कालरात्रि के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि मां कालरात्रि भक्तों के सभी भय और दु:खों को हरती हैं और जीवन में सुख-शांति लाती हैं। उनके आशीर्वाद से व्यक्ति को जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। मां कालरात्रि की आरती करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।
मां कालरात्रि की आरती
जय कालरात्रि माँ, जय कालरात्रि।
काल के भी काल तुम, महाकालरात्रि॥
तुम हो शुभंकरी, माँ तुम हो शुभंकरी।
दुष्टों का नाश कर, करती हो भंडारी॥
असुर संहारिणी, माँ असुर संहारिणी।
भक्तों के कष्ट हरो, दयामयी नारिणी॥
तुम हो भयनाशिनी, माँ तुम हो भयनाशिनी।
पाप विनाश कर, करती हो रक्षा यशिनी॥
कर में तलवार लिये, माँ कर में तलवार लिये।
असुरों का संहार कर, जग में त्राण दिये॥
शुभ फल की दात्री, माँ शुभ फल की दात्री।
भक्तों को सुख दो, संकट हरण कुमारी॥
आरती जो कोई गावे, माँ आरती जो कोई गावे।
मनवांछित फल पावे, भव से पार हो जावे॥
मां कालरात्रि की आरती का महत्व
मां कालरात्रि की आरती को श्रद्धा और भक्ति के साथ गाने से जीवन में आने वाली सभी परेशानियों का नाश होता है। मां अपने भक्तों के कष्टों को हरती हैं और उन्हें सुख, समृद्धि, और सुरक्षा का आशीर्वाद देती हैं। नवरात्रि के सातवें दिन विशेष रूप से मां की आराधना करने से भक्तों के जीवन में शांति और भयमुक्ति प्राप्त होती है।
इस आरती को मन से करने पर माता कालरात्रि की कृपा सदैव बनी रहती है।
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