Aaj Ka Choghadiya 7 October 2024: आज करना है कोई शुभ कार्य? तो पढ़ लें 7 अक्टूबर का चौघड़िया

चौघड़िया की गणना भारतीय ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो समय का सही उपयोग करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह गणना सरल है, लेकिन इसके पीछे गहन ज्योतिषीय सिद्धांत हैं। चलिए, इस प्रक्रिया को समझते हैं:

1. सूर्योदय का समय जानें:

  • चौघड़िया की गणना के लिए सबसे पहले आपको उस दिन का सूर्योदय का समय जानना होगा। सूर्योदय का समय आपके भौगोलिक स्थान पर निर्भर करता है। आप इसे मौसम ऐप्स या ज्योतिष वेबसाइटों से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

2. दिन के 24 घंटों का विभाजन:

  • एक दिन को 24 घंटों में विभाजित किया जाता है। चौघड़िया प्रणाली में, इस 24 घंटे के समय को 8 भागों में बांटा जाता है, प्रत्येक का समय लगभग 3 घंटे होता है। इन 8 भागों को 'चौघड़िया' कहा जाता है।

3. शुभ और अशुभ चौघड़िया:

  • चौघड़िया में चार शुभ और चार अशुभ भाग होते हैं। शुभ चौघड़िया में किए गए कार्य आमतौर पर सफल माने जाते हैं, जबकि अशुभ चौघड़िया में किए गए कार्यों से बचना चाहिए।
  • सामान्यत: चौघड़िया का क्रम इस प्रकार होता है:
    • शुभ चौघड़िया:
      1. शुभ
      2. लाभ
      3. अमृत
      4. चौगड़िया
    • अशुभ चौघड़िया:
      1. रात्री
      2. काल
      3. रव
      4. क्षय

4. गणना का तरीका:

  • सूर्योदय के समय से प्रारंभ करके, आप पहले चौघड़िया का समय ज्ञात करते हैं। इसके बाद, हर 3 घंटे के अंतराल पर अगले चौघड़िया का समय लिखते हैं।
  • उदाहरण:
    • यदि सूर्योदय 6:00 बजे है, तो चौघड़िया का समय इस प्रकार होगा:
      • 6:00 - 9:00: शुभ चौघड़िया
      • 9:00 - 12:00: लाभ चौघड़िया
      • 12:00 - 3:00: अमृत चौघड़िया
      • 3:00 - 6:00: चौगड़िया
      • 6:00 - 9:00: रात्री चौघड़िया (अशुभ)
      • 9:00 - 12:00: काल चौघड़िया (अशुभ)
      • 12:00 - 3:00: रव चौघड़िया (अशुभ)
      • 3:00 - 6:00: क्षय चौघड़िया (अशुभ)

5. चंद्रमा की स्थिति:

  • चौघड़िया की गणना केवल सूर्योदय के समय पर निर्भर नहीं करती, बल्कि चंद्रमा की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। चंद्रमा की स्थिति का प्रभाव आपके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर पड़ता है। जब चंद्रमा शुभ स्थिति में होता है, तो यह कार्यों की सफलता की संभावना को बढ़ाता है।

6. स्थानीय समय और भौगोलिक प्रभाव:

  • चौघड़िया की गणना स्थानीय समय के अनुसार की जाती है। विभिन्न स्थानों पर सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भिन्न हो सकता है, इसलिए हर स्थान के लिए अलग चौघड़िया की गणना की जानी चाहिए।

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